Registered Clinical Counsellor (RCC)
Ashi Tomar, MA, RCC
Registration:
Registered Clinical Counsellor (RCC), BCACC #25586
Working with Ashi
I bring a calm, compassionate and thoughtful presence to therapy. I want our conversations to feel respectful, collaborative and unhurried, with room for the experiences and strengths that make you who you are. My approach combines warmth with careful clinical thinking, and I adapt the work to your needs rather than expecting you to fit a single model.
Ashi offers counselling in English and Hindi. Explore her DBT-informed individual counselling and substance use counselling options, and ask about fit and scope during a consultation.
She also offers women’s counselling, with the focus shaped by your concerns, experiences and goals.
मेरी यात्रा
मैंने Clinical Psychology में मास्टर किया है और मैं BC Association of Clinical Counsellors की Registered Clinical Counsellor (RCC) हूँ।
पिछले चार सालों से मैं लोगों को उनकी ज़िंदगी की अलग-अलग मुश्किलों से निकलने में मदद कर रही हूँ — जैसे कि लत (addiction), चिंता, ट्रॉमा, narcissistic abuse, डिप्रेशन, किसी अपने को खोने का दुख, आत्मविश्वास की कमी, काम का तनाव, पर्सनैलिटी से जुड़ी परेशानियाँ और रिश्तों में आने वाली दिक्कतें।
मैंने अलग-अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के लोगों के साथ काम किया है, चाहे वो ऑनलाइन हो या सामने बैठकर। एक BIPOC counsellor होने के नाते, मेरा मानना है कि हर किसी को एक ऐसा स्पेस मिलना चाहिए जहाँ वे मुश्किलें, समझ या शर्म महसूस किए बगैर सुनाए जा सकें — चाहे वो किसी भी रंग, पहचान या न्यूरोडाइवर्स बैकग्राउंड से हो।
मेरा तरीका
मेरे लिए थेरेपी एक ऐसा सफर है जो हम साथ मिलकर तय करते हैं।
मैं मानती हूँ कि अच्छा थेरेपी वही होता है जहाँ सच्चाई, भरोसा और करुणा हो।
मेरा ध्यान सिर्फ “समस्या” या “लेबल” पर नहीं, बल्कि पूरे इंसान पर होता है — उनकी भावनाओं, अनुभवों और ताकतों पर।
मैं trauma-informed और non-judgmental तरीके से काम करती हूँ ताकि हर क्लाइंट खुद को सुना, समझा और सम्मान महसूस करे।
मेरा मकसद है कि लोग अपनी भावनाओं को बेहतर समझें, खुद पर भरोसा करें और अपनी ज़िंदगी में स्थिरता और शांति पा सकें।
थेरेपी के तरीके
मैं हर व्यक्ति की ज़रूरत के हिसाब से अलग-अलग थेरेपी अप्रोच इस्तेमाल करती हूँ — जैसे कि
Client-Centred Therapy, CBT, DBT, REBT, Narrative Therapy, IFS, Mindfulness practices और Neuroaffirmative approaches।
मेरा मानना है कि हर किसी की कहानी अलग होती है, इसलिए थेरेपी भी वैसी ही होनी चाहिए — व्यक्तिगत, लचीली और उनके लिए मायने रखती वाली।
मैं एक ऐसा सुरक्षित और दयालु माहौल बनाने की कोशिश करती हूँ जहाँ लोग अपने घावों से ठीक होकर, खुद को समझकर आगे बढ़ने का हौसला पा सकें।